मार्जिनल यूनिट कीमत (टॉप स्लैब, FCA और शुल्क सहित)
₹9.75 /यूनिट
एक बार जब आप टॉप स्लैब में पहुंच जाते हैं, तो आपकी अगली यूनिट का खर्च यही है — एक और उपकरण चलाने की असली लागत।
पूरी स्लैब-वार दरें
| स्लैब | दर/यूनिट |
|---|---|
| 0–30 यूनिट | ₹1.90 |
| 31–75 यूनिट | ₹3.00 |
| 76–125 यूनिट | ₹4.50 |
| 126–225 यूनिट | ₹6.00 |
| 226–400 यूनिट | ₹8.75 |
| 401–∞ यूनिट | ₹9.75 |
- बिलिंग साइकल
- monthly
- सत्यापित
- 29 August 2026
"1 यूनिट की कीमत" के तीन अलग जवाब हैं
और तीनों सही हैं — वे अलग-अलग सवालों के जवाब देते हैं। APSPDCL की दरें टेलिस्कोपिक स्लैब पर चलती हैं, इसलिए कोई एक आंकड़ा नहीं होता।
- स्लैब दर — ₹1.90 से ₹9.75/यूनिट। यही टैरिफ ऑर्डर में छपता है, और यही तब काम आता है जब आप दो टैरिफ आदेशों की तुलना कर रहे हों।
- असरदार औसत दर — आपका कुल बिल ÷ आपकी कुल यूनिट, फिक्स्ड चार्ज और शुल्क सहित। बजट बनाने के लिए यही सही आंकड़ा है, और नीचे की टेबल इसे दिखाती है।
- मार्जिनल दर — ₹9.75/यूनिट, ऊपर दिखाई गई। अगर आप टॉप स्लैब में हैं तो अगली यूनिट की यही कीमत है — AC या गीज़र जैसा एक और उपकरण चलाने का फैसला इसी से तय होना चाहिए।
निष्कर्ष: पूछें कि आपको आंकड़ा किस काम के लिए चाहिए — बजट, या अगला उपकरण।
Andhra Pradesh में एक यूनिट की असल कीमत, खपत के हिसाब से
नीचे हर पंक्ति पूरा बिल है — एनर्जी चार्ज, फिक्स्ड चार्ज, FCA और बिजली शुल्क सहित — उसी टैरिफ फाइल से जो हमारा बिल कैलकुलेटर इस्तेमाल करता है।
| खपत | कुल बिल | असल ₹/यूनिट |
|---|---|---|
| 50 यूनिट | ₹137 | ₹2.74 |
| 100 यूनिट | ₹325 | ₹3.25 |
| 200 यूनिट | ₹887 | ₹4.43 |
| 300 यूनिट | ₹1693 | ₹5.64 |
| 500 यूनिट | ₹3543 | ₹7.09 |
मासिक बिलिंग अवधि की यूनिट, 2 kW स्वीकृत लोड मानकर (ज़्यादातर DISCOM फिक्स्ड चार्ज प्रति kW लेते हैं, इसलिए यह मानना ज़रूरी है)। आपका स्वीकृत लोड अलग हो तो फिक्स्ड चार्ज बदलेगा।
ध्यान दें कि यह सीधी रेखा नहीं है। APSPDCL पर सबसे सस्ती प्रति-यूनिट कीमत 50 यूनिट के आसपास आती है (₹2.74/यूनिट) — उससे कम खपत पर ₹20 का फिक्स्ड चार्ज कम यूनिटों पर बंटता है, जिससे हर यूनिट महंगी पड़ती है, और ज़्यादा खपत पर ऊंचे स्लैब दर बढ़ा देते हैं।
इसका व्यावहारिक मतलब: बहुत कम बिजली इस्तेमाल करने वाले घर प्रति यूनिट सबसे सस्ती दर नहीं पाते — वे फिक्स्ड चार्ज को कम यूनिटों पर बांटते हैं। और भारी खपत वाले घरों के लिए हर अतिरिक्त यूनिट औसत से महंगी होती है, औसत से नहीं आंकें।
निष्कर्ष: प्रति-यूनिट कीमत खपत के साथ बदलती है, इसलिए अपनी असल खपत के करीब की पंक्ति देखें।
स्लैब दर के ऊपर क्या जुड़ता है
टैरिफ ऑर्डर में छपी स्लैब दर आपका पूरा बिल नहीं है। APSPDCL पर इसके ऊपर ये जुड़ते हैं:
- फिक्स्ड चार्ज — खपत से स्वतंत्र, अक्सर स्वीकृत लोड पर आधारित। आप शून्य यूनिट इस्तेमाल करें तो भी यह लगता है।
- मीटर रेंट और अन्य मदें — छोटी रकम, पर ये भी आपकी असल प्रति-यूनिट कीमत में गिनी जाती हैं।
यही वजह है कि ऊपर दी गई मार्जिनल दर ₹9.75 है, जबकि टॉप स्लैब दर ₹9.75 — अंतर FCA और शुल्क है।
निष्कर्ष: स्लैब दर पर बजट बनाने से आप हमेशा कम आंकेंगे।
इस आंकड़े का इस्तेमाल कैसे करें
सबसे आम और सबसे खर्चीली गलती है औसत दर पर एक नए उपकरण का खर्च आंकना:
- नया उपकरण जोड़ रहे हैं — मार्जिनल दर ₹9.75 इस्तेमाल करें। AC, गीज़र या पंप आपकी मौजूदा खपत के ऊपर जुड़ता है, इसलिए वह आपके सबसे ऊंचे स्लैब पर बिल होता है।
- महीने का बजट बना रहे हैं — ऊपर की टेबल में अपनी खपत के करीब की पंक्ति देखें, क्योंकि उसमें फिक्स्ड चार्ज शामिल है।
- सोलर या बचत का आंकलन — बचाई गई यूनिट सबसे ऊपरी स्लैब से कटती है, इसलिए बचत मार्जिनल दर पर आंकें, औसत पर नहीं।
यही गणित अपनी असल खपत पर चलाएं: APSPDCL बिल कैलकुलेटर, या सभी राज्यों की यूनिट कीमत से राज्यों की तुलना करें।
निष्कर्ष: बजट के लिए औसत, किसी भी नए फैसले के लिए मार्जिनल।
अपने बिल पर ये आंकड़े कहां मिलेंगे
अंदाज़े से बेहतर है कि आप अपनी असल दर अपने बिल से निकालें। लेआउट DISCOM के हिसाब से बदलता है, पर ये मदें लगभग हर बिल पर होती हैं:
- खपत की यूनिट — वर्तमान और पिछली मीटर रीडिंग का अंतर। टेलिस्कोपिक स्लैब इसी संख्या पर लगते हैं।
- एनर्जी चार्ज — स्लैब-वार गणना, अक्सर अलग-अलग पंक्तियों में टूटी हुई। इसे ऊपर की स्लैब टेबल से मिलाकर देखें।
- फिक्स्ड/डिमांड चार्ज — आपके स्वीकृत लोड से जुड़ा। अगर यह अपेक्षा से ऊंचा है, तो हो सकता है आपका स्वीकृत लोड आपकी असल ज़रूरत से ज़्यादा दर्ज हो।
- अपनी असल दर निकालें — कुल देय रकम ÷ खपत की यूनिट। यह आंकड़ा ऊपर की टेबल की अपनी पंक्ति के करीब होना चाहिए; बहुत अलग हो तो बकाया, समायोजन या बदला हुआ FCA वजह हो सकती है।
निष्कर्ष: एक भाग से आपको अपनी असली प्रति-यूनिट कीमत मिल जाती है।
ये दरें कहां से आई हैं, और कब बदलती हैं
ऊपर की सभी दरें Southern Power Distribution Co. of AP (APSPDCL) के प्रकाशित घरेलू टैरिफ से हैं, जो 1 April 2025 से लागू है। हमने इसे 29 August 2026 को आखिरी बार सत्यापित किया।
भारत में घरेलू टैरिफ DISCOM खुद तय नहीं करती — राज्य विद्युत नियामक आयोग एक टैरिफ आदेश में उन्हें मंज़ूरी देता है, और वे आदेश समय-समय पर संशोधित होते हैं। FCA आमतौर पर स्लैब दरों से ज़्यादा बार बदलता है। इसलिए किसी भी बड़े फैसले से पहले प्राथमिक स्रोत देख लें:
APSPDCL के लिए हमने जो टैरिफ स्रोत इस्तेमाल किया →
साफ़ तौर पर: इस DISCOM के लिए हमारा सत्यापन एक सेकंडरी स्रोत के आधार पर है, DISCOM या नियामक के अपने प्रकाशित पेज से नहीं। दरें हमारी जानकारी में सही हैं, पर किसी भी बड़े फैसले से पहले राज्य विद्युत नियामक आयोग के टैरिफ आदेश से पुष्टि करें।
सत्यापन नोट: SOURCED (secondary) — Andhra Pradesh domestic tariff from secondary references; pending primary SERC order cross-check. A flat ₹0.06/unit electricity duty is not modelled here.
हम आंकड़े कैसे जुटाते और सत्यापित करते हैं, और कोई श्रेणी सत्यापित न होने पर क्या करते हैं, यह हमारी मेथडोलॉजी में दिया है।
निष्कर्ष: यह पेज एक दिनांकित स्नैपशॉट है, स्थायी दर नहीं — बड़े फैसलों के लिए स्रोत से मिलान करें।
सिर्फ यूनिट कीमत नहीं, अपना पूरा बिल चाहिए?
पूरा APSPDCL बिल कैलकुलेटर खोलें →अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Andhra Pradesh में 1 यूनिट बिजली की कीमत क्या है?
APSPDCL का घरेलू टैरिफ पहले स्लैब के लिए ₹1.90/यूनिट से शुरू होता है और टॉप स्लैब पर ₹9.75/यूनिट तक बढ़ता है, फ्यूल कॉस्ट एडजस्टमेंट और बिजली शुल्क से पहले। आपका असली प्रति-यूनिट खर्च आपके कुल इस्तेमाल पर निर्भर करता है, क्योंकि टैरिफ टेलिस्कोपिक है।
एक ही "1 यूनिट की कीमत" क्यों नहीं है?
APSPDCL घरेलू उपभोक्ताओं को टेलिस्कोपिक स्लैब संरचना पर बिल करता है — आप जो भी यूनिट इस्तेमाल करते हैं, वह उसी स्लैब की दर पर चार्ज होती है जिसमें वह गिरती है, किसी एक फ्लैट दर पर नहीं। तो आपकी 50वीं यूनिट और आपकी 400वीं यूनिट अलग-अलग कीमत पर होती हैं।
यहां दिखाई गई मार्जिनल दर का क्या मतलब है?
₹9.75/यूनिट वह है जो अगर आप पहले से टॉप स्लैब में हैं तो आपकी अगली यूनिट के इस्तेमाल पर लगती है — इसमें टॉप स्लैब दर, फ्यूल कॉस्ट एडजस्टमेंट और बिजली शुल्क शामिल है। यही एक और उपकरण, जैसे AC, चलाने की असली लागत है।